Latest News
Patna News : फर्जी पुलिस बनकर दंपती से लूटे 6 लाख रुपये, मुख्यालय के सामने हुई घटना Bihar Politics : नवादा में मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान हादसा, राहुल गांधी की कार ने एक पुलिसकर्मी को टक्कर मारी Nalanda News : बिहार में 22 साल के युवक की आत्महत्या से मचा हड़कंप, जांच में सामने आईं चौंकाने वाली बातें Patna Crime News : पटना में ब्यूटी पार्लर लूट का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में घायल, अस्पताल में भर्ती Gids voor nieuwe spelers: Zo werkt de Starzino inloggen en registratie Madhepura News : बिजली बिल को लेकर मचा बवाल, बड़े भाई ने छोटे भाई को पीट-पीटकर मार डाला Jyoti Malhotra : ज्योति मल्होत्रा की एसआईटी ने पाकिस्तान में 2500 पृष्ठों की साहित्यिक चोरी पाए जाने के बाद उस पर जासूसी का आरोप लगाया। Purniya News : पति-पत्नी के बीच कोर्ट में मारपीट, पति पर दूसरी शादी का आरोप 79th Independence Day : पटना के गांधी मैदान में सीएम नीतीश ने किया झंडा फहराया, चुनावी साल में करेंगे बड़े ऐलान Bihar Free Electricity : बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर: स्मार्ट मीटर धारकों को 125 यूनिट मुफ्त मिलेगी, सब्सिडी भी मिलेगी, जानिए कितना होगा फायदा?

कल से शुरू होगा चैती छठ का महापर्व, पटना में गूंजने लगे हैं छठी मइया के गीत, प्रशासन की तैयारी पूरी

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp
Telegram
बिहार समेत कई देशों में मनाया जाने वाला छठ महापर्व एक अप्रैल से शुरू हो रहा है। लोक आस्था के इन चारों दिव्य पर्वों का समापन हो चुका है। राजधानी पटना समेत विभिन्न शहरों में छठी मैया के गीत गूंजने लगे हैं, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया है। प्रशासन घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था भी करता है, ताकि आश्रम के रूप में पूजा-अर्चना की जा सके।
पटना
पटना

छठ महापर्व का महत्व और सिद्धांत
चैती छठ मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है। इसे निराकरण का पर्व भी माना जाता है। अत्यंत आस्थावान भक्त इस व्रत के लिए अपनी-अपनी श्रद्धा से उद्यम करते हैं। कार्तिक माह में मनाए जाने वाले छठ पर्व की तुलना में चैती छठ को कम लोग करते हैं, लेकिन इसमें धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के मंदिर अधिक हैं।

पहला दिन: नहाय-खाय (1 अप्रैल 2025, मंगलवार)
महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इस दिन भक्त गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करते हैं और शुद्ध और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। चने की दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का सेवन किया जाता है।

दूसरा दिन: खरना (2 अप्रैल 2025, रविवार)
इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रखते हैं। शाम को सूर्य देव की पूजा करने के बाद गुड़ से बनी रोटी, रोटी और फल का सेवन किया जाता है। इसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का कठिन व्रत शुरू हो जाता है, जिसमें पानी भी नहीं पिया जाता है।

तीसरा दिन: साध्य अर्घ्य (3 अप्रैल 2025, गुरुवार)
इस दिन छठ व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। वे तालाब, नदी या अन्य जल स्रोतों के किनारे सूर्य देव की पूजा करते हैं और छठी मैया से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करते हैं।

चौथा दिन: उगते सूर्य को अर्घ्य और व्रत (4 अप्रैल 2025, शुक्रवार)
छठ महापर्व के आखिरी दिन व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और अपना व्रत तोड़ते हैं। इस अवसर पर प्रसाद वितरित किया जाता है, जिसमें ठेकुआ, कसार, पुडुकिया और अन्य पारंपरिक व्यंजन शामिल होते हैं।

छठ महापर्व का क्षेत्रीय प्रभाव
यह पर्व बिहार में तो बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसके अलावा झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी यह व्रत पूरी आस्था और भक्ति के साथ मनाया जाता है। प्रवासी भारतीय भी इसे पूरी तरह परंपरा के साथ बनाते हैं, जिसके कारण यह पर्व वैश्विक स्तर पर भी प्रसिद्ध हो रहा है।

प्रशासन की तैयारी और उद्यम का उत्साह
पटना समेत विभिन्न शहरों में प्रशासन ने घाटों की साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि बिना किसी परेशानी के पूजा की जा सके। छठी मैया का स्वरूप राक्षसी से भक्तिमय हो गया है और आध्यात्म में भी तीव्र उत्साह देखा जा रहा है।

चैती छठ महापर्व न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि भक्ति, आस्था और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इस पर्व के माध्यम से लोग प्रकृति और सूर्य देव की पूजा करते हैं, जो जीवन ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश देता है।

यह भी पढ़ें:- बक्सर में कंटेनर से भारी मात्रा में विदेशी शराब जब्त, 99 कार्टन बरामद, चालक गिरफ्तार नाकाम
यह भी पढ़ें:- भोजपुर में ASI की संदिग्ध मौत से मचा हड़कंप, डायरिया से बिगड़ी थी तबीयत, अस्पताल ले जाने के दौरान हुई मौत

News Patna Ki
Author: News Patna Ki

सबसे तेज सबसे पहले खबरों के लिए जुड़े रहिए NEWS PATNA KI के साथ

Share This Article

Facebook
X
WhatsApp
Telegram

Leave a Reply

Latest News