Bihar Bullet Train : इस परियोजना से बिहार में कनेक्टिविटी में सुधार होगा, यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

Bihar Bullet Train : नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इस परियोजना को 2 चरणों में पूरा करेगा। पहले चरण में वाराणसी (Pandit Deendayal Upadhyay Junction), बक्सर, आरा, पटना और गया से हावड़ा तक ट्रैक बनाया जाएगा। इस परियोजना से बिहार में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रा का समय कम होगा और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना का विवरण
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करेगा। पहले चरण में वाराणसी (Pandit Deendayal Upadhyay Junction), बक्सर, आरा, पटना और गया से हावड़ा तक ट्रैक बनाया जाएगा। दूसरे चरण में दिल्ली से वाराणसी तक ट्रैक बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 799.293 किलोमीटर होगी, जो चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के 18 जिलों के 739 गांवों से होकर गुजरेगी। बिहार में यह ट्रेन 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे वाराणसी से हावड़ा तक का सफर साढ़े तीन से चार घंटे में पूरा हो जाएगा।
बता दें कि पटना जिले में 60.9 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिसके लिए 135.06 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए पटना के 58 गांवों को चिन्हित किया गया है। यह ट्रेन भोजपुर जिले के बकरी और जलपुरा गांवों से भी गुजरेगी। एनएचएसआरसीएल ने भोजपुर में सामाजिक और आर्थिक सर्वेक्षण शुरू कर दिया है, साथ ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही है।
स्टेशन और चरण
- पहला चरण: बक्सर, पटना और गया में स्टेशन बनाए जाएंगे। पटना में स्टेशन फुलवारी शरीफ के पास एम्स के पीछे प्रस्तावित है।
- दूसरा चरण: आरा (Udwantnagar) और जहानाबाद में स्टेशन बनाए जाएंगे।
- मुआवजे का प्रावधान
- भूमि अधिग्रहण के लिए मुआवजे की दरें तय की गई हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन मालिकों को सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा।
- शहरी क्षेत्रों में भूमि स्वामियों को सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया जाएगा।
इस मुआवजा नीति से प्रभावित किसानों और निवासियों को राहत मिलेगी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह राशि लंबे समय तक उनकी आजीविका को बनाए रखने के लिए पर्याप्त होगी? बिहार में भूमि विवाद अक्सर संवेदनशील रहे हैं, और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित पुनर्वास की आवश्यकता होगी।
बुलेट ट्रेन की विशेषताएं
- यह ट्रेन जापानी के तकनीक पर आधारित होगी और इसमें कई आधुनिक सुविधाएं होंगी
- स्वचालित दरवाजे और आरामदायक सीटें।
- सभी बोगियों में सीसीटीवी कैमरे।
- मोबाइल चार्जिंग पॉइंट।
- वंदे भारत की तर्ज पर स्वादिष्ट भोजन।
- ऑप्टिकल फाइबर केबल से लैस हाई-स्पीड दूरसंचार प्रणाली, जो वास्तविक समय में अपडेट देगी।
- परियोजना की प्रगति
NHSRCL ने एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया है, जो अगस्त 2025 तक तैयार हो जाएगी। इसके लिए जल्द ही एक एजेंसी का चयन किया जाएगा। सर्वेक्षण और मृदा परीक्षण का काम शुरू हो चुका है और 2025 से भूमि अधिग्रहण का काम भी गति पकड़ने की उम्मीद है। हालांकि, कुछ सूत्रों के अनुसार इस परियोजना का निर्माण 2031 से शुरू हो सकता है।
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Author: News Patna Ki
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