Bihar News : बिहार के पूर्व अनुमंडल पदाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला साबित हो गया है। जांच में 44.51 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है। सरकार ने उनकी पेंशन से 50 फीसदी की स्थायी कटौती करने का फैसला किया है।

Bihar News : बिहार के एक अनुमंडल पदाधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप साबित हो गया है। विभागीय जांच में पाया गया है कि आरोपी पदाधिकारी ने अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी ने भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्ति को छिपाने की पूरी कोशिश की।
आरोपी ने अपने बेटे की पढ़ाई के दौरान ट्यूशन पढ़ाने का जिक्र किया, ट्यूशन से 18 लाख रुपये की आय दिखाई, लेकिन संचालन पदाधिकारी ने जांच में इन बातों को झूठा करार दिया है। अब सरकार ने आरोपी तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी को दंडित किया है।
विजिलेंस ने जयनगर के तत्कालीन एसडीओ के खिलाफ डीए केस दर्ज किया था
मधुबनी जिले के जयनगर अनुमंडल के तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) गुलाम मुस्तफा अंसारी के खिलाफ निगरानी ब्यूरो ने 9 दिसंबर 2016 को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया था। इन आरोपों के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोप पत्र गठित किया था।
19 जून 2017 को गुलाम मुस्तफा अंसारी से इन आरोपों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया था। निगरानी जांच ब्यूरो ने 14 जनवरी 2019 को रिपोर्ट दी, जिसमें उल्लेख किया गया कि अंसारी ने अपनी आय से 44 लाख 51 हजार 919 रुपये अधिक अर्जित किए हैं। इसके बाद 8 मार्च 2019 को आरोपी एसडीओ के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की गई। मुख्य जांच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. जांच में आय से 44 लाख 51 हजार रुपये अधिक मिले:
8 जुलाई 2022 को कृषि विभाग के सचिव सह जांच पदाधिकारी एन. सरवन कुमार को जांच पदाधिकारी नियुक्त किया गया था। इसी बीच वे 28 फरवरी 2022 को सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही को पेंशन नियमावली के तहत परिवर्तित कर दिया गया। खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग के जांच आयुक्त सह सचिव ने विभागीय कार्यवाही में सभी आरोप प्रमाणित पाए। जिसमें पाया गया कि उन्होंने अपनी आय 44 लाख 51,919 रुपये से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
आरोपी ने खुद को बचाने के लिए बेटे को बनाया ढाल… पढ़ाई के दौरान ट्यूशन से दिखाई 18 लाख की आय
जांच में पाया गया कि आरोपी अधिकारी के बेटे जो लॉ का छात्र है, को उसके सहपाठियों के अभिभावकों ने उसके बैंक खाते में पैसे भेजने की बात कही थी। साथ ही बेटे के बैंक खाते में 18 लाख रुपये की राशि को पढ़ाई के दौरान ट्यूशन से हुई आय बताया था, जो सत्य प्रतीत नहीं होता।
इसके बाद सरकार ने तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी के पेंशन से 50 फीसदी की स्थायी कटौती का दंड निर्धारित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 25 मार्च 2025 को ही यह संकल्प जारी कर दिया था। बता दें, अक्टूबर 2016 में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मधुबनी के जयनगर के SDPO (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी) चंदन पुरी और SDO (अनुमंडल पदाधिकारी) गुलाम मुस्तफा अंसारी और उनके अंगरक्षकों को गिरफ्तार किया था।
दोनों अधिकारी एक पटाखा व्यवसायी को लाइसेंस देने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए थे। एसडीओ की गिरफ्तारी के बाद निगरानी ने एसडीओ के पटना स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। जिसमें आय से 44 लाख रुपये अधिक कमाने का एक और मामला दर्ज किया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने डीए मामले को सही पाया है और सेवानिवृत्त अधिकारी को उनकी पेंशन से 50 फीसदी की कटौती कर दंडित किया है।
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Author: News Patna Ki
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