Bihar Weather Update : बिहार में अप्रैल महीने में ही लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार इस बार गर्मी पहले से ज्यादा पड़ेगी, जिससे राज्य के कई इलाकों में लू की स्थिति बनेगी।

Bihar Weather Update : पश्चिमी बिहार के बेगूसराय, सारण, सीवान, गोपालगंज, वैशाली, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जैसे जिले लू की चपेट में आ सकते हैं। इन इलाकों में 2 से 3 दिनों तक गर्म हवाएं चलने की संभावना है, जबकि अन्य इलाकों में भी तापमान में तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
मार्च में रिकॉर्ड तापमान
इस साल मार्च का तापमान पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा रहा है। बक्सर में 52 साल बाद मार्च में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंचा। यहां 27 मार्च को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके अलावा पूरे राज्य में औसत तापमान सामान्य से ज्यादा रहा, जिससे गर्मी का असर पहले से ही महसूस किया जा रहा था। अप्रैल में तापमान 44 डिग्री तक पहुंचने की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 6 से 19 अप्रैल के बीच राज्य का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे गर्मी और लू के दिनों की संख्या सामान्य से 3-4 दिन अधिक हो सकती है। खासकर दोपहर में बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि लू चलने की संभावना बढ़ जाएगी।
वर्षा में 40% तक कमी संभव
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल में बिहार में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है। आमतौर पर इस महीने में 18.0 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस साल इसमें 40% तक कमी आ सकती है। बारिश नहीं होने से गर्मी का असर अधिक महसूस होगा। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन और किसानों को पहले से तैयारी करनी होगी।
आम के उत्पादन पर गर्मी का असर
तेज गर्मी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण आम के पेड़ों पर मधुआ कीटों का प्रकोप बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, आम के पेड़ों में जब टिकोला (छोटे फल) लगते हैं, तो मधुआ कीटों का प्रभाव कम हो जाता है। लेकिन इस साल दिन में तेज गर्मी और रात में ठंड के कारण इन कीटों का प्रभाव बढ़ गया है। इससे आम के बागों को नुकसान हो रहा है।
कीटों से बचाव के उपाय
मधुआ कीटों से बचाव के लिए किसानों को इमिडाक्लोप्रिड 17.8% एसएल की 1 मिली मात्रा को 3 लीटर पानी में मिलाकर आम के पेड़ों पर छिड़काव करना चाहिए। इससे कीटों का प्रभाव कम होगा और आम की फसल सुरक्षित रहेगी।
फल गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है
लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण आम के पेड़ों से फल गिरने लगे हैं, जिससे किसानों को पैदावार कम होने की चिंता सता रही है। हालांकि, इस साल आम की कलियां (फूल) पिछले साल से ज्यादा आई हैं, लेकिन तेज गर्मी के कारण उनका बच पाना मुश्किल हो सकता है। अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आम का उत्पादन कम हो सकता है, जिससे बाजार में आम के दाम भी बढ़ सकते हैं।
गर्मी से बचाव के उपाय
इस बार पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को खास तौर पर सतर्क रहना होगा। दोपहर के समय बाहर जाने से बचें, अधिक पानी पिएं और हल्के व सूती कपड़े पहनें। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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Author: News Patna Ki
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